आयकर रिटर्न 2025: ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि बढ़ी, तकनीकी गड़बड़ी और जरूरी अपडेट्स

आयकर रिटर्न 2025: ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि बढ़ी, तकनीकी गड़बड़ी और जरूरी अपडेट्स

आयकर रिटर्न 2025 के लिए फाइलिंग की नई अंतिम तिथि, तकनीकी समस्याएँ और पूंजीगत लाभ छूट से जुड़ी जरूरी जानकारी। जानिए ITR सत्यापन का महत्व और कैसे करें सही तरीके से फाइलिंग।


2025 के वित्तीय वर्ष के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइलिंग में कई महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। इस साल आयकर विभाग ने फाइलिंग की अंतिम तिथि बढ़ाई है और पोर्टल में कुछ तकनीकी गड़बड़ियाँ भी सामने आई हैं। साथ ही, पूंजीगत लाभ पर मिलने वाली छूट का दावा करना जरूरी हो गया है। इस ब्लॉग में हम आपको इन सभी अपडेट्स के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप बिना किसी परेशानी के अपना ITR समय पर और सही तरीके से फाइल कर सकें।


 आयकर रिटर्न 2025 की नई तिथि और कारण

  • CBDT ने ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 तक बढ़ाई है।

  • यह निर्णय सिस्टम अपडेट और नए ITR फॉर्म जारी करने में देरी के कारण लिया गया।

  • करदाताओं को अब समय मिल गया है कि वे अपनी रिपोर्ट सही तरीके से तैयार कर सकें।


आयकर पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी का असर

  • ITR-2 फॉर्म में पूंजीगत लाभ और कैरी फॉरवर्ड हानि के आंकड़ों में असंगति देखी गई।

  • इससे रिटर्न रिजेक्ट या स्वचालित समायोजन की स्थिति बन सकती है।

  • विशेषज्ञों का सुझाव है कि जल्द से जल्द विभाग से समाधान की मांग की जाए।


 पूंजीगत लाभ पर छूट का सही दावा कैसे करें?

  • ₹7 लाख तक की आय पर छूट स्वचालित नहीं लग रही है।

  • करदाताओं को धारा 87A के तहत मैन्युअल रूप से छूट का दावा करना होगा।

  • छूट का दावा करने से कर देयता कम हो सकती है।


 ITR सत्यापन क्यों है जरूरी?

  • बिना सत्यापन के दाखिल रिटर्न अमान्य माना जाएगा।

  • सत्यापन न करने पर जुर्माना और रिफंड में देरी हो सकती है।

  • ई-वेरिफिकेशन के आसान तरीके उपलब्ध हैं।


आयकर रिटर्न फाइलिंग में देरी और तकनीकी समस्याएँ हो सकती हैं, लेकिन उचित जानकारी और समय पर ध्यान देने से आप आसानी से अपनी टैक्स जिम्मेदारी पूरी कर सकते हैं। 15 सितंबर 2025 तक अपनी ITR फाइल करें और सत्यापन जरूर करें।

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